'आत्मनिर्भरता' के प्रश्न-अभ्यास
प्रिय विद्यार्थियों कक्षा 8 यूपी बोर्ड की हिंदी पाठ्यपुस्तक के पाठ 11 'आत्मनिर्भरता' के अभ्यास प्रश्नों के उत्तर नीचे दिए जा रहे हैं। मैंने भाषा की शुद्धता और सरलता का पूरा ध्यान रखा है।


प्रिय विद्यार्थियों कक्षा 8 यूपी बोर्ड की हिंदी पाठ्यपुस्तक के पाठ 11 'आत्मनिर्भरता' के अभ्यास प्रश्नों के उत्तर नीचे दिए जा रहे हैं। मैंने भाषा की शुद्धता और सरलता का पूरा ध्यान रखा है।
पाठ से:
प्रश्न 1: इस पाठ का उद्देश्य क्या है? सही कथनों पर सही का चिह्न लगाइए।
उत्तर: इस पाठ का मुख्य उद्देश्य है घ युवाओं को आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा देना।
प्रश्न 2: निम्नलिखित पंक्तियों का आशय स्पष्ट कीजिए।
(क) नम्रता ही स्वतन्त्रता की धात्री या माता है?
उत्तर: इस पंक्ति का आशय यह है कि जो व्यक्ति स्वभाव से नम्र और विनीत होता है वही सच्चा स्वतंत्र हो सकता है। नम्रता से ही व्यक्ति में अपने विचारों और कर्मों को सही दिशा में ले जाने की क्षमता आती है जो स्वतंत्रता की पहली सीढ़ी है।
(ख) युवा को यह सदा स्मरण रखना चाहिए कि उसकी आकांक्षाएँ उसकी योग्यता से कहीं बढ़ी हुई हैं?
उत्तर: इसका आशय है कि युवावस्था में मनुष्य की इच्छाएं और सपने बहुत बड़े होते हैं लेकिन उन्हें पूरा करने का अनुभव और योग्यता अभी कम होती है। इसलिए युवाओं को अपनी सीमाओं को पहचानकर निरंतर अपनी योग्यता बढ़ाने का प्रयास करना चाहिए।
(ग) मनुष्य का बेड़ा उसके हाथ में है, उसे वह चाहे जिधर लगाये?
उत्तर: इसका अर्थ है कि मनुष्य अपने जीवन का निर्माता स्वयं है। वह अपने कर्मों और निर्णयों के द्वारा अपने जीवन को चाहे तो सफलता की ओर ले जा सकता है या पतन की ओर।
(घ) अध्यवसायी लोगों ने अपनी समृद्धि का मार्ग निकाला है?
उत्तर: इसका आशय है कि जो लोग निरंतर परिश्रम और प्रयास करते हैं वे अपने जीवन में सफलता और धन धान्य प्राप्त करने का रास्ता खुद खोज लेते हैं।
प्रश्न 3: उपन्यासकार स्कॉट ने अपना ऋण किस तरह उतारा?
उत्तर: उपन्यासकार वाल्टर स्कॉट पर बहुत भारी कर्ज हो गया था जिसे चुकाने के लिए उन्होंने दिन रात कड़ी मेहनत की और कई प्रसिद्ध उपन्यास लिखे। अपनी इसी निरंतर मेहनत और लेखन से हुई आय के द्वारा उन्होंने अपना सारा कर्ज चुका दिया।
प्रश्न 4: समूह क का कौन सा शब्द या वाक्यांश समूह ख में दिये गये किस शब्द से संबंधित है? छाँटकर समूह क के सम्मुख लिखिए।
उत्तर:
हरिश्चन्द्र - सत्यवादी
महाराणा प्रताप - अधीनता नहीं स्वीकार की
हनुमान - सीता की खोज
कोलम्बस - अमेरिका की खोज
शिवाजी - छापामार युद्ध
एकलव्य - धनुर्धर
भाषा की बात:
प्रश्न 1: दिये गये शब्दों के पूर्व आत्म लगाकर नये शब्दों की रचना कीजिए - परिचय, चिन्तन, निर्भर, बोध, कथन।
उत्तर:
परिचय - आत्मपरिचय
चिन्तन - आत्मचिन्तन
निर्भर - आत्मनिर्भर
बोध - आत्मबोध
कथन - आत्मकथन
प्रश्न 2: निम्नलिखित मुहावरों के अर्थ लिखकर इनका वाक्य में प्रयोग कीजिए - मुँह ताकना, अपने पैरों के बल खड़ा होना, दृष्टि नीची होना, सिर ऊपर होना, अपने हाथ में अपना भाग्य होना, कठपुतली बनना, हृदय पर हाथ रखना।
उत्तर:
मुँह ताकना - अर्थ - दूसरों पर निर्भर रहना। वाक्य प्रयोग - जो व्यक्ति आत्मनिर्भर होते हैं वे कभी दूसरों का मुँह नहीं ताकते।
अपने पैरों के बल खड़ा होना - अर्थ - स्वावलंबी होना। वाक्य प्रयोग - पढ़ाई पूरी करने के बाद रमेश अब अपने पैरों के बल खड़ा हो गया है।
दृष्टि नीची होना - अर्थ - शर्मिंदा होना। वाक्य प्रयोग - चोरी पकड़े जाने पर सोहन की दृष्टि नीची हो गई।
सिर ऊपर होना - अर्थ - सम्मान बढ़ना। वाक्य प्रयोग - परीक्षा में प्रथम आने पर राम ने अपने माता पिता का सिर ऊपर कर दिया।
अपने हाथ में अपना भाग्य होना - अर्थ - अपना भविष्य खुद तय करना। वाक्य प्रयोग - मेहनती मनुष्य का भाग्य उसके अपने हाथ में होता है।
कठपुतली बनना - अर्थ - दूसरों के इशारे पर चलना। वाक्य प्रयोग - हमें किसी के हाथ की कठपुतली नहीं बनना चाहिए बल्कि अपने विवेक से काम लेना चाहिए।
हृदय पर हाथ रखना - अर्थ - अपने मन से पूछना या आत्मचिंतन करना। वाक्य प्रयोग - हृदय पर हाथ रखकर बताओ कि क्या तुमने यह काम सही किया है।
प्रश्न 3: नीचे लिखे समास पदों का विग्रह कीजिए और समास का नाम लिखिए - अहंकारवृत्ति, आत्मसंस्कार, आत्ममर्यादा, चित्तवृत्ति।
उत्तर:
अहंकारवृत्ति - अहंकार की वृत्ति - संबंध तत्पुरुष समास
आत्मसंस्कार - आत्मा का संस्कार - संबंध तत्पुरुष समास
आत्ममर्यादा - आत्मा की मर्यादा - संबंध तत्पुरुष समास
चित्तवृत्ति - चित्त की वृत्ति - संबंध तत्पुरुष समास
प्रश्न 4: निम्नलिखित में से प्रधान उपवाक्य तथा आश्रित उपवाक्य को अलग अलग लिखिए।
(क) विद्वानों का यह कथन बहुत ठीक है कि नम्रता ही स्वतन्त्रता की धात्री या माता है।
उत्तर:
प्रधान उपवाक्य - विद्वानों का यह कथन बहुत ठीक है
आश्रित उपवाक्य - कि नम्रता ही स्वतन्त्रता की धात्री या माता है
(ख) सच्ची आत्मा वही है जो प्रत्येक दशा में अपनी राह आप निकालती है।
उत्तर:
प्रधान उपवाक्य - सच्ची आत्मा वही है
आश्रित उपवाक्य - जो प्रत्येक दशा में अपनी राह आप निकालती है
प्रश्न 5: स्वतंत्रता का विपरीतार्थक है।
उत्तर: ख परतन्त्रता।