तुलसीदास के पदों के प्रश्नोत्तर
प्रिय छात्र-छात्राओं यहाँ सभी प्रश्नों के उत्तर अत्यंत सरल भाषा में प्रस्तुत किए गए हैं। मुझे पूरी उम्मीद है कि आपको आसानी से समझ में आ जाएँगे। तो आइए, हम सब मिलकर चंद्रमा के समान अपने काव्य से संसार …

शिक्षा केवल सूचनाओं का संग्रह नहीं, बल्कि विद्यार्थी के भीतर सुप्त 'मेधा' को जाग्रत करने का एक अनुष्ठान है। medhashine.in पर हमारा उद्देश्य हाई स्कूल, इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षाओं से लेकर प्रतियोगी परीक्षाओं जैसी कठिनतम चुनौतियों के लिए मात्र किताबी ज्ञान परोसना नहीं है; बल्कि आपकी अंतर्निहित प्रतिभा को 'Shine' (प्रकाशित) करना है।हम भली-भांति समझते हैं कि बोर्ड परीक्षाओं की मजबूत नींव और एक आदर्श शिक्षक बनने का स्वप्न, दोनों ही असीमित धैर्य और सटीक मार्गदर्शन की माँग करते हैं। उत्कृष्ट अध्ययन सामग्री, प्रामाणिक रणनीतियों और निरंतर प्रेरणा के माध्यम से, हम आपकी सफलता की कहानी में एक विश्वसनीय 'सारथी' बनने के लिए प्रतिबद्ध हैं।आइए, मिलकर शिक्षा के आकाश में आपकी सफलता का नया सूर्योदय करें। 1. पाठ्यक्रम के अनुसार अत्यंत शोधित और प्रामाणिक सामग्री 2. क्या पढ़ना है, इससे अधिक महत्वपूर्ण है कि 'कैसे पढ़ना है'- हम यही रणनीति सिखाते हैं। 3. परीक्षा के तनाव को आत्मविश्वास में बदलने का निरंतर प्रयास...
प्रिय छात्र-छात्राओं यहाँ सभी प्रश्नों के उत्तर अत्यंत सरल भाषा में प्रस्तुत किए गए हैं। मुझे पूरी उम्मीद है कि आपको आसानी से समझ में आ जाएँगे। तो आइए, हम सब मिलकर चंद्रमा के समान अपने काव्य से संसार …
प्रिय छात्र-छात्राओं यहाँ सभी प्रश्नों के उत्तर अत्यंत सरल भाषा में प्रस्तुत किए गए हैं। मुझे पूरी उम्मीद है कि आपको आसानी से समझ में आ जाएँगे। तो आइए, हम सब मिलकर भक्तशिरोमणि सूरदास जी के पदों के प्र…

भ्रमर गीत प्रसंग कवि सूरदास जी द्वारा रचित महान ग्रंथ सूरसागर से लिया गया हैं। इनमें से विनय और वात्सल्य के पद भी सूरसागर का हिस्सा हैं, लेकिन जो सबसे मुख्य भाग है, वह भ्रमर गीत प्रसंग है। इन पदों म…

पंक्ति 1: अब कैं राखि लेहु भगवान। शब्दार्थ– अब कैं – इस बार राखि लेहु – रक्षा कीजिए व्याख्या: सूरदास जी ईश्वर से प्रार्थना करते हुए कहते हैं कि हे भगवान, इस बार आप मेरी रक्षा कर लीजिए। पंक्ति 2: हौं …
निबंध विषय: पारस्परिक संबंध रूपरेखा 1. प्रस्तावना 2. पारस्परिक संबंधों का अर्थ और स्वरूप 3. पारस्परिक संबंधों के मुख्य प्रकार * पारिवारिक संबंध * मित्रता का संबंध * सामाजिक और व्यावसायिक संबंध…
हिन्दी दिवस: प्रश्न: 14 सितम्बर प्रतिवर्ष हिन्दी दिवस के रूप में मनाया जाता है। पता लगाइए कि हिन्दी दिवस 14 सितम्बर को ही क्यों मनाया जाता है? उत्तर: 14 सितम्बर 1949 को भारत की संविधान सभा ने यह ऐति…
कुछ करने को: प्रश्न 1: विद्यालय जायेंगे जरूर पंक्ति को आधार बनाकर चार पंक्तियों वाली कविता की रचना कीजिए। उत्तर: ज्ञान का दीप हम सब जलाएंगे, पढ़ लिखकर हम भी आगे बढ़ेंगे, जीवन की बाधाओं से कभी नहीं डरे…

प्रिय विद्यार्थियों आज हम केदारनाथ सिंह जी द्वारा रचित बहुत ही सुंदर और भावपूर्ण कविता धानों का गीत पढ़ने जा रहे हैं। यह मनमोहक कविता हमारी हिंदी की पाठ्यपुस्तक से ली गई है। इस कविता में कवि ने एक किस…

संस्कृत का अर्थ है- संस्कार की हुई, परिमार्जित और शुद्ध भाषा और व्याकरण वह शास्त्र है, जो किसी शब्द के टुकड़े-टुकड़े करके उसका सही रूप दिखाता है। हमारी भाषा वाक्यों से बनती है, वाक्य शब्दों से और शब्द…
I. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर संस्कृत में लिखिए : 1. प्रश्न: वाराणसी कस्याः नद्याः कूले स्थिता अस्ति ? अथवा वाराणसी नगरी कुत्र स्थिता अस्ति ? उत्तर: वाराणसी विमलसलिलतरङ्गायाः गङ्गायाः कूले स्थि…
संस्कृत पंक्ति: वाराणसी सुविख्याता प्राचीना नगरी। शब्दार्थ: सुविख्याता = बहुत प्रसिद्ध; प्राचीना = पुरानी; नगरी = शहर या नगर। अनुवाद: वाराणसी एक बहुत प्रसिद्ध और प्राचीन नगरी है। संस्कृत पंक्ति: इयं …
I. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर संस्कृत में लिखिए- 1. श्वेतकेतु: क: आसीत् ? अथवा श्वेतकेतु: कस्य पुत्र: ? उत्तर: श्वेतकेतु: आरुणे: पुत्र: आसीत्। 2. द्वादशवर्ष उपेत्य चतुर्विंशतिवर्ष: क: सर्वान्…
संस्कृत पंक्ति: श्वेतकेतुर्हारुणेय आस तं ह पितोवाच श्वेतकेतो वस ब्रह्मचर्यम्। शब्दार्थ: श्वेतकेतुर्हारुणेय = आरुणि का पुत्र श्वेतकेतु; आस = था; तं ह = निश्चय ही उससे; पितोवाच = पिता ने कहा; श्वेतकेतो …
उपसर्ग दो शब्दों के मेल से बना है। उप + सर्ग। उप का अर्थ है- समीप, निकट या पास और सर्ग का अर्थ है- सृष्टि करना या निर्माण करना।अर्थात किसी शब्द के समीप आकर एक नए अर्थ वाले शब्द का निर्माण करना। "वे…
I. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर संस्कृत में दीजिए - 1. संस्कृति: शब्दस्य किं तात्पर्यम् ? उत्तर: मानव-जीवनस्य संस्करणं संस्कृतिः। 2. भारतीयसंस्कृते: का विशेषता अस्ति ? अथवा भारतीय-संस्कृते: मूल…
संस्कृत: मानव-जीवनस्य संस्करणं संस्कृतिः। शब्दार्थ: मानव-जीवनस्य = मानव जीवन को; संस्करणं = संवारना या दोष दूर करना; संस्कृतिः = संस्कृति है। अनुवाद: मानव जीवन को संवारना ही संस्कृति है। संस्कृत: अ…
तत्सम: तत् का अर्थ है- उसके और सम का अर्थ है- समान, अर्थात तत्सम का अर्थ है- उसके समान यानी संस्कृत के समान। ये शब्द हिंदी भाषा में संस्कृत की शास्त्रीय गरिमा और शुद्धता को ज्यों का त्यों बनाए रखने …
जब किसी वाक्यांश के अर्थ को व्यक्त करने के लिए केवल एक शब्द का प्रयोग किया जाता है, तो उसे वाक्यांश के लिए एक शब्द कहते हैं। या किसी पूरे वाक्यांश के स्थान पर केवल एक ही सार्थक शब्द का प्रयोग करना, व…
विलोम शब्द का निर्माण 'वि' और 'लोम' के संयोग से हुआ है। वि का अर्थ - विपरीत, विरुद्ध या उलटा। लोम का अर्थ - क्रम, सीधा या स्वाभाविक दिशा। अर्थात विलोम का शाब्दिक अर्थ है- स्वाभाविक क्रम के ठीक उल्टा …
भाषा और व्याकरण की दृष्टिकोण से, पत्र (Letter) केवल कागज़ पर लिखे गए कुछ शब्द नहीं हैं, बल्कि यह मानव विचारों, भावनाओं और सूचनाओं के आदान-प्रदान का एक सशक्त, व्यवस्थित और कलात्मक माध्यम है। "लिखित र…
Showing 20 of 93 insights