पर्यायवाची
वे शब्द जिनका अर्थ एक समान होता है, उन्हें पर्यायवाची शब्द कहते हैं।



वे शब्द जिनका अर्थ एक समान होता है, उन्हें पर्यायवाची शब्द कहते हैं।
अर्थ और परिभाषा :
पर्याय का अर्थ होता है- समान और वाची का अर्थ होता है- बोले जाने वाले, अर्थात वे शब्द जिनका अर्थ एक समान या लगभग एक जैसा होता है, उन्हें पर्यायवाची शब्द कहते हैं। इन्हें हिंदी व्याकरण में समानार्थी शब्द के नाम से भी जाना जाता है, जैसे - नेत्र, नयन, लोचन, चक्षु।
महत्वपूर्ण बिंदु :
भले ही पर्यायवाची शब्दों का अर्थ समान होता है, लेकिन वाक्य में उनका प्रयोग हमेशा एक-दूसरे की जगह नहीं किया जा सकता। भाषा में हर शब्द का अपना एक विशेष संदर्भ और भाव होता है, जैसे -
छू लो तो चरण
अड़ा दो तो टांग
धंस जाए तो पैर
फिसल जाए तो पाँव
आगे बढ़ाना हो तो क़दम
राह में चिह्न छोड़े तो पद
प्रभु के हों तो पद्म
क्रोध की हो तो लात
गधे की पड़े तो दुलत्ती
घुंघरू बाँध दो तो पग
खाने के लिए टंगड़ी
खेलने के लिए लंगड़ी आदि।
उदाहरण - पवित्रता के संदर्भ में हम हमेशा गंगा जल कहते हैं, गंगा पानी नहीं। इसी तरह गंदे पानी को नाला का जल नहीं कहा जाता, जबकि जल और पानी एक-दूसरे के पर्यायवाची हैं। इसलिए, पर्यायवाची शब्दों का सही अर्थ उनके प्रसंग पर निर्भर करता है।
पर्यायवाची शब्द:
अतिथि – मेहमान, आगंतुक, पाहुन, अभ्यागत
अमृत – पीयूष, सुधा, सोम, अमिय
असुर – दानव, निशाचर, राक्षस
अग्नि – आग, हुतासन, पावक, अनल, दहन, कृशानु
आम – आम्र, रसाल, अमृतफल, सहकार, अतिसौरभ, पिकबंधु
आँख – नेत्र, नयन, लोचन, चक्षु
आकाश – गगन, अंबर, नभ, व्योम, अंतरिक्ष
इन्द्र – सुरपति, देवेश, सुरेंद्र, देवराज
कपड़ा – वस्त्र, पट, वसन, अंबर, चीर
कमल – जलज, नीरज, वारिज, राजीव
किसान – कृषक, क्षेत्रक, क्षेत्रपति, खेतिहर, हलधर
गंगा – सुरसरि, देवनदी, भागीरथी, देवपगा
घर – गृह, आलय, निकेतन, सदन
चन्द्रमा – शशि, सुधाकर, राकेश, निशाकर
जल – पानी, अंबु, नीर, वारि, सलिल
तालाब – सर, सरोवर, जलाशय, तड़ाग
द्रव्य – धन, वित्त, संपदा, दौलत, संपत्ति
दास – अनुचर, चाकर, सेवक, भृत्य, किंकर
देवता – सूर, देव, अजर, अमर
नदी – सरिता, तटिनी, तरंगिणी, निर्झरिणी
नौका – नाव, तरिणी, जलयान, जलपात्र, तरी, बेड़ा
पक्षी – विहग, खग, नभचर
पर्वत – अचल, भूधर, पहाड़, शैल
पृथ्वी – भू, धरा, वसुधा, धरणी, भूमि
पत्नी – भार्या, दारा, गृहिणी, बहू, वधू, कलत्र, प्राणप्रिया
पति – भर्ता, वल्लभ, स्वामी, आर्यपुत्र
पुत्र – तनय, सुत, बेटा, लड़का, आत्मज, तनुज
पुत्री – तनया, सुता, बेटी, आत्मजा, दुहिता, नंदिनी
फूल – पुष्प, सुमन, कुसुम, प्रसून
बादल – मेघ, नीरद, जलद, वारिद, अंबुद
बिजली – चपला, चंचला, विद्युत्, तड़ित, दामिनी
मछली – मत्स्य, झष, मीन, जलजीवन, सफरी
महादेव – शंभु, पशुपति, शिव, महेश्वर, शंकर, हर
रात – रात्रि, निशा, रजनी, यामिनी
राजा – नृप, भूप, महीप, महीपति, नरपति, नरेश
वृक्ष – तरु, द्रुम, पादप, विटप, अगम, पेड़, गाछ
विष्णु – गरुड़ध्वज, अच्युत, चक्रपाणि, माधव, केशव, दामोदर, गोविंद, लक्ष्मीपति
समुद्र – सागर, जलधि, पारावार, नीरनिधि, पयोनिधि
शेर – शार्दूल, व्याघ्र, मृगराज, मृगेन्द्र, सिंह, केहरि
सर्प – अहि, भुजंग, विषधर, व्याल, फणी, नाग
सरस्वती – ब्राह्मी, भारती, वाक्, गिरा, शारदा, वीणापाणि
सूर्य – मार्तंड, दिनकर, भानु, भास्कर, रवि, प्रभाकर
हवा – वायु, समीर, मरुत, वात, बयार, प्रकंपन, पवन
हाथी – गजेंद्र, कुंजर, गज