पाठ - 7 जूलिया के प्रश्नोत्तर
प्रिय विद्यार्थियों, हिंदी भाषा medhashine.in के सुंदर गद्य संसार में आपका स्वागत है। यहाँ आपकी आवश्यकता के अनुसार कक्षा 8 यूपी बोर्ड की पुस्तक प्रज्ञा के पाठ 'जूलिया' के प्रश्नोत्तर दिए जा रहे हैं। …


प्रिय विद्यार्थियों,
हिंदी भाषा medhashine.in के सुंदर गद्य संसार में आपका स्वागत है। यहाँ आपकी आवश्यकता के अनुसार कक्षा 8 यूपी बोर्ड की पुस्तक प्रज्ञा के पाठ 'जूलिया' के प्रश्नोत्तर दिए जा रहे हैं। सभी उत्तरों को अत्यंत सरल, स्पष्ट और व्याकरणिक दृष्टि से शुद्ध रूप में प्रस्तुत किया गया है।
कुछ करने को -प्रोजेक्ट या गतिविधि :
3.प्रश्न - आपके माता-पिता घर की तमाम चीजों का हिसाब-किताब रखते होंगे। आप इसमें उनकी क्या मदद कर सकते हैं?
उत्तर: हम घर के खर्चों को एक डायरी में लिखकर, बिजली या पानी के बिलों को समय पर जमा करके, और बाजार से लाए गए सामान का बिल चेक करके अपने माता-पिता की मदद कर सकते हैं।
4.प्रश्न - रूस की मुद्रा 'रूबल' है। इसी प्रकार बांग्लादेश, चीन, अमेरिका, जापान और पाकिस्तान की मुद्रा के बारे में पता कीजिए।
उत्तर:
बांग्लादेश- टका
चीन- युआन
अमेरिका- डॉलर
जापान- येन
पाकिस्तान- पाकिस्तानी रुपया
4. एकांकी की कहानी संक्षेप में -
उत्तर: यह कहानी जूलिया नाम की एक सीधी-सादी और डरपोक गवर्नेंस यानी बच्चों को पढ़ाने और देखभाल करने वाली की है। उसका मालिक उसे एक सबक सिखाना चाहता है। इसलिए, जब उसे तनख्वाह देने का समय आता है, तो मालिक जानबूझकर झूठे नुकसान गिनाकर जैसे- छुट्टी लेना, प्याली टूटना, बच्चों के कपड़े फटना उसकी सारी तनख्वाह काट लेता है। जूलिया यह सब चुपचाप सह लेती है और अंत में बचे हुए बहुत थोड़े से पैसों के लिए भी मालिक को धन्यवाद कहती है। यह देखकर मालिक को गुस्सा आता है और वह उसे समझाता है कि इस दुनिया में चुप रहने वाले और कमजोर लोगों का हर कोई फायदा उठाता है, इसलिए अपने हक के लिए बोलना और लड़ना सीखो।
विचार और कल्पना :
1.प्रश्न - "इससे पहले मैंने जहाँ-जहाँ काम किया, उन लोगों ने तो मुझे एक पैसा तक नहीं दिया..." जूलिया ने किस तरह के लोगों के बीच काम किया होगा?
उत्तर: जूलिया ने इससे पहले बहुत ही बेईमान, लालची और क्रूर लोगों के यहाँ काम किया होगा। वे लोग गरीबों की मजबूरी का फायदा उठाते होंगे और काम करवाकर पैसे नहीं देते होंगे।
2.प्रश्न - यदि इन लोगों की जगह आप होते तो जूलिया को पैसे देते अथवा नहीं? क्यों?
उत्तर: यदि मैं उनकी जगह होता, तो मैं जूलिया को उसकी पूरी तनख्वाह देता। क्योंकि किसी से मेहनत करवाना और उसे उसका हक न देना बहुत बड़ा अन्याय और पाप है। हर इंसान को उसकी मेहनत का पैसा मिलना ही चाहिए।
3.प्रश्न - यदि आप जूलिया के स्थान पर होते तो ऐसे लोगों से कैसा व्यवहार करते?
उत्तर: यदि मैं जूलिया की जगह होता, तो मैं चुपचाप अन्याय नहीं सहता। मैं डटकर अपने हक की मांग करता और बिना पैसे दिए काम बिल्कुल नहीं छोड़ता।
पाठ से :
1. प्रश्न - गृहस्वामी ने 'उन्नीस नागे' किस प्रकार गिनाए और इसके लिए कितने रूबल की कटौती की?
उत्तर: गृहस्वामी ने 9 रविवार, 3 छुट्टियाँ, 4 दिन जब बच्चा बीमार था और 3 दिन जब जूलिया के दांत में दर्द था। इस तरह जोड़कर कुल 19 छुट्टियां गिनाए। इसके लिए उसने जूलिया की तनख्वाह से 19 रूबल काट लिए।
2.प्रश्न - गृहस्वामी के अनुसार जूलिया के कारण क्या-क्या नुकसान हुआ था?
उत्तर: मालिक ने बताया कि जूलिया की लापरवाही से एक चाय की प्याली और तश्तरी टूट गई थी, बच्चे की जैकेट फट गई थी और नौकरानी ने बच्ची के जूते चुरा लिए थे।
3.प्रश्न - गृहस्वामी ने सत्ताइस रूबल किस आधार पर काट लिए थे?
उत्तर: मालिक ने कहा कि जूलिया ने 10 जनवरी को उससे 10 रूबल उधार लिए थे। इसके अलावा उसने जूलिया को अपनी पत्नी द्वारा 3 रूबल और दिए जाने की बात कही। इन्हीं सब झूठे उधारों का बहाना बनाकर उसने 27 रूबल काट लिए।
4.प्रश्न - गृहस्वामी को अंत में जूलिया पर गुस्सा क्यों आया और उसने जूलिया को क्या समझाया?
उत्तर: मालिक ने जूलिया के साथ इतना अन्याय किया और उसकी सारी तनख्वाह काट ली, फिर भी जूलिया ने उसे उन थोड़े से पैसों के लिए धन्यवाद कहा। इसी बात पर मालिक को गुस्सा आ गया। उसने जूलिया को समझाया कि इस कठोर दुनिया में कमजोर और दब्बू बनकर रहने से काम नहीं चलेगा, तुम्हें अपने अधिकारों के लिए आवाज उठानी होगी।
5. 'इस संसार में दब्बू और रीढ़रहित लोगों के लिए कोई स्थान नहीं है' इस वाक्य का आशय स्पष्ट कीजिए।
उत्तर: इसका मतलब यह है कि दुनिया में जो लोग बहुत सीधे, डरपोक होते हैं और जिनमें अन्याय का विरोध करने की हिम्मत नहीं होती, उन्हें समाज हमेशा दबाता है। ऐसे लोगों का हर कोई फायदा उठाता है।
6.प्रश्न - एकांकी के कौन-से संवाद आपको सबसे अच्छे लगे, क्यों?
उत्तर: मुझे एकांकी के अंत में मालिक का वह संवाद सबसे अच्छा लगा जहाँ वह कहता है, अपने को बचाए रखने के लिए तुम्हें इस कठोर, क्रूर और निर्दयी संसार से लड़ना होगा। यह इसलिए अच्छा लगा क्योंकि यह हमें अन्याय न सहने और निडर बनने की प्रेरणा देता है।
भाषा की बात :
1. विदेशी शब्दों (अंग्रेजी, अरबी-फारसी) को छाँटकर लिखिए।
उत्तर:
अंग्रेजी शब्द - गवर्नेंस, डायरी, नोट।
अरबी-फ़ारसी और उर्दू शब्द - तनख्वाह, नुकसान, बेवकूफ, यकीन, खामोश, बेरहम, मजाक।
2. निम्नलिखित शब्दों में 'रहित' और 'युक्त' लगाकर शब्द बनाइए-
उत्तर:
प्राण - प्राणरहित , प्राणयुक्त
धन - धनरहित, धनयुक्त
बल - बलरहित, बलयुक्त
यश - यशरहित, यशयुक्त
3.प्रश्न - निम्नलिखित शब्दों के विपरीतार्थक या विलोम शब्द लिखिए-
उत्तर:
अन्याय - न्याय
क्रूर - दयालु
मूर्ख - बुद्धिमान
दुर्बल - सबल या बलवान
करुण - निष्ठुर
विशेष -
जो शब्द किसी दूसरे शब्द के ठीक उलटा अर्थ बताते हैं,उसे विलोम शब्द कहते हैं।
जैसे - रात - दिन, अच्छा - बुरा आदि।