प्रथम: पाठ: प्रश्नोत्तर
I. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर संस्कृत में दीजिए - 1. संस्कृति: शब्दस्य किं तात्पर्यम् ? उत्तर: मानव-जीवनस्य संस्करणं संस्कृतिः। 2. भारतीयसंस्कृते: का विशेषता अस्ति ? अथवा भारतीय-संस्कृते: मूल…


I. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर संस्कृत में दीजिए -
1. संस्कृति: शब्दस्य किं तात्पर्यम् ?
उत्तर: मानव-जीवनस्य संस्करणं संस्कृतिः।
2. भारतीयसंस्कृते: का विशेषता अस्ति ? अथवा भारतीय-संस्कृते: मूलं किम् ?
उत्तर: विश्वस्य स्रष्टा ईश्वरः एक एव इति भारतीय-संस्कृतेः मूलम्।
3. भारतीया संस्कृति: केषां सङ्गमस्थली ?
उत्तर: भारतीया संस्कृतिः सर्वेषां मतावलम्बिनां सङ्गमस्थली अस्ति।
4. का संस्कृति: सदा गतिशीला वर्तते ?
उत्तर: भारतीया संस्कृति: सदा गतिशीला वर्तते।
5. दुराग्रह: कुत्र नास्ति ?
उत्तर: भारतीय-संस्कृतौ दुराग्रहः नास्ति।
6. भारतीय-संस्कृते: क: विशेष: गुण: ?
उत्तर: सर्वेषां मतानां समभावः सम्मानश्च भारतीय-संस्कृतेः विशेष: गुण: अस्ति।
7. कर्मवीराणां संस्कृति: का ?
उत्तर: भारतीया संस्कृतिः कर्मवीराणां संस्कृतिः अस्ति।
8. कुर्वन्नेवेह कर्माणि जिजीविषेत् शतं समा: इति कस्या: संस्कृते: उद्घोष: अस्ति ?
उत्तर: कुर्वन्नेवेह कर्माणि जिजीविषेत् शतं समा: इति भारतीय-संस्कृते: उद्घोष: अस्ति।
9. अस्माकं मुख्यं कर्त्तव्यं किम् ?
उत्तर: निरन्तरं कर्मकरणम् अस्माकं मुख्यं कर्त्तव्यम् अस्ति।
10. सर्वे भवन्तु सुखिन: इति कस्या: संदेश: ?
उत्तर: सर्वे भवन्तु सुखिन: इति भारतीय-संस्कृते: संदेश: अस्ति।
II. निम्नलिखित गद्यांशों का सन्दर्भ सहित हिन्दी में अनुवाद कीजिए -
सन्दर्भ: प्रस्तुत गद्यांश हमारी पाठ्यपुस्तक के भारतीया संस्कृति: नामक पाठ से अवतरित है।
III. व्याकरण-बोध :
1. निम्नलिखित शब्दों के भाव स्पष्ट कीजिए -
जीवनस्य संस्करणाय: इसका भाव है मानव जीवन को संवारना, परिष्कृत करना या उसे दोषमुक्त करना।
सामासिकी संस्कृति: इसका भाव है एक ऐसी समन्वयात्मक या मिली-जुली संस्कृति, जिसके विकास में विभिन्न जातियों और सम्प्रदायों का योगदान हो।
नवां शक्तिम्: इसका भाव है नई ऊर्जा, नवीन बल या नई चेतना को प्राप्त करना।
जिजीविषेत्: इसका भाव है निरंतर कर्म करते हुए सौ वर्षों तक जीने की इच्छा रखना।
निरामया: इसका भाव है सभी प्रकार के रोगों से मुक्त रहना या पूर्णतः निरोगी होना।
2. अधोलिखित अव्यय शब्दों के अर्थ लिखिए -
एव- ही
यथा- जिस प्रकार या जैसे
अत्र- यहाँ
तदत्र- वह यहाँ (तत् + अत्र)
मिलित्वा- मिलकर
सर्वत्र- सब जगह या सभी जगह
IV. अनुभूति और अभिव्यक्ति :
1. भारतीय संस्कृति की मुख्य विशेषताओं को बिन्दुवार लिखिए।
उत्तर:
-> ईश्वर एक है और विभिन्न रूपों में उसकी उपासना की जाती है।
-> सभी धर्मों और मतों के प्रति समान भाव तथा सम्मान की भावना इसका मूल है।
-> यह कर्मवीरों की संस्कृति है, जिसमें निरंतर कर्म करने पर विशेष बल दिया गया है।
-> यह संस्कृति अत्यंत गतिशील और प्रगतिशील है, जो समय के अनुसार नए विचारों को ग्रहण करती है।
-> पूरे विश्व के कल्याण की कामना इसकी सबसे प्रमुख विशेषता है।
2. भारतीय संस्कृति के नैतिक मूल्यों को चिह्नित करके अपने व्यवहार में उनको समाहित कीजिए।
उत्तर:
सत्य का सम्मान, सभी प्राणियों के प्रति समानता का भाव, विचारों में उदारता और आचरण में दृढ़ता भारतीय संस्कृति के प्रमुख नैतिक मूल्य हैं। एक आदर्श भारतीय के रूप में हमें इन श्रेष्ठ मूल्यों को अपने दैनिक आचरण, विचारों और दूसरों के साथ व्यवहार में पूरी तरह अपनाना चाहिए।