पाठ - 3 सच्ची वीरता के प्रश्नोत्तर
प्रिय विद्यार्थियों, हिंदी भाषा medhashine.in के सुंदर गद्य संसार में आपका स्वागत है। यहाँ आपकी आवश्यकता के अनुसार कक्षा 8 यूपी बोर्ड की पुस्तक प्रज्ञा के पाठ 'सच्ची वीरता' के प्रश्नोत्तर दिए जा रहे…


प्रिय विद्यार्थियों,
हिंदी भाषा medhashine.in के सुंदर गद्य संसार में आपका स्वागत है।
यहाँ आपकी आवश्यकता के अनुसार कक्षा 8 यूपी बोर्ड की पुस्तक प्रज्ञा के पाठ 'सच्ची वीरता' के प्रश्नोत्तर दिए जा रहे हैं। सभी उत्तरों को अत्यंत सरल, स्पष्ट और व्याकरणिक दृष्टि से शुद्ध रूप में प्रस्तुत किया गया है
विचार और कल्पना :
प्रश्न 1 वीर पुरुष की तुलना बरसने वाले बादल से और कायर पुरुष की तुलना गरजने वाले बादल से क्यों की गयी है?
उत्तर - वीर पुरुष गरजने वाले बादलों की तरह केवल बड़ी बड़ी बातें नहीं करते, बल्कि बरसने वाले बादलों की तरह वास्तव में अच्छे काम करके दिखाते हैं। कायर पुरुष केवल डींगें हांकते हैं, करते कुछ नहीं हैं।
प्रश्न 2 सच्चा वीर बनने के लिए आप अपने भीतर किन गुणों को विकसित करेंगे?
उत्तर - सच्चा वीर बनने के लिए हम अपने भीतर साहस, सत्य, धैर्य, पवित्रता, परोपकार और दृढ़ता जैसे महान गुणों को विकसित करेंगे।
प्रश्न 3 वीरों को बनाने के कारखाने कायम नहीं हो सकते इस बात का क्या आशय है स्पष्ट करें?
उत्तर - इसका आशय यह है कि वीरता एक प्राकृतिक और स्वाभाविक गुण है। इसे किसी मशीन या कारखाने में कृत्रिम तरीके से उत्पन्न नहीं किया जा सकता है। वीर जन्म लेते हैं, उन्हें बनाया नहीं जा सकता।
पाठ से :
प्रश्न 1 किसने क्या कहा कोष्ठक में दिये गये नामों से चुनकर वाक्य के सामने लिखिए-
(महाराजा रणजीत सिंह, मंसूर, नेपोलियन, बादशाह)
क अनलहक अहं ब्रह्मास्मि.......
उत्तर - मंसूर
ख मैं तुमको अभी जान से मार डालूँगा.......
उत्तर - बादशाह
ग अटक के पार जाओ.......
उत्तर - महाराजा रणजीत सिंह
घ आल्प्स है ही नहीं.......
उत्तर - नेपोलियन
प्रश्न 2 लेखक के अनुसार दुनिया किस पर खड़ी है ?
उत्तर - (घ ) धर्म और अटल आध्यात्मिक नियमों पर।
प्रश्न 3 अपने अन्दर की वीरता को जगाने के लिए हमें क्या करना चाहिए उपयुक्त कथन पर सही का चिह्न लगाइए -
उत्तर - ग सच्चाई की चट्टान पर दृढ़ता से खड़ा होना चाहिए।
प्रश्न 4 सच्चे वीर पुरुष में कौन कौन से गुण होते हैं ?
उत्तर - सच्चे वीर पुरुष में असीम साहस, धैर्य, सच्चाई, पवित्रता, और सभी के प्रति प्रेम जैसे उत्कृष्ट गुण होते हैं।
प्रश्न 5 बादशाह द्वारा जान से मारने की धमकी देने पर गुलाम ने क्या कहा ?
उत्तर - गुलाम ने निर्भीकता से कहा कि बादशाह उसे फाँसी पर तो चढ़ा सकता है, लेकिन वह गुलाम भी बादशाह का तिरस्कार कर सकता है।
प्रश्न 6 शरीर पर जरा जोर से हाथ लगाने पर लोग मारे डर के अधमरे क्यों हो जाते हैं ?
उत्तर - लोग अपने नश्वर शरीर से बहुत अधिक मोह करते हैं। वे इस शरीर को ही अपना सब कुछ मानते हैं, इसलिए मृत्यु के डर से वे अधमरे हो जाते हैं।
प्रश्न 7 लेखक ने वीरों को देवदार के वृक्षों के समान क्यों कहा है ?
उत्तर - क्योंकि देवदार के वृक्ष बिना किसी सहारे के जंगल में स्वयं उगते हैं और मजबूत होते हैं। उसी प्रकार वीर पुरुष भी बिना किसी बाहरी मदद के अपनी शक्ति और दृढ़ता से आगे बढ़ते हैं।
भाषा की बात :
प्रश्न 1 निम्नलिखित मुहावरों का अर्थ लिखते हुए इनका वाक्य में प्रयोग कीजिए -
डर से अधमरा होना, छाती ठोंककर आगे बढ़ना, रास्ता साफ होना, रंग चढ़ना, दिल को बाँध देना I
प्रश्न- डर से अधमरा होना
उत्तर - अर्थ- बहुत अधिक डर जाना
वाक्य भयानक शेर को अपने सामने देखकर शिकारी डर से अधमरा हो गया।
प्रश्न- छाती ठोंककर आगे बढ़ना
उत्तर - अर्थ- पूरी हिम्मत के साथ सामने आना
वाक्य युद्ध के मैदान में भारतीय सैनिक छाती ठोंककर आगे बढ़ते हैं।
प्रश्न- रास्ता साफ होना
उत्तर - अर्थ- रुकावट दूर होना
वाक्य पुलिस के सायरन की आवाज सुनते ही उपद्रवियों के भागने से रास्ता साफ हो गया।
प्रश्न -रंग चढ़ना
उत्तर - अर्थ- गहरा प्रभाव पड़ना
वाक्य मोहन पर अच्छे लोगों की संगति का रंग चढ़ गया है।
प्रश्न- दिल को बाँध देना
उत्तर - अर्थ- मन मोह लेना या बहुत अधिक प्रभावित करना
वाक्य सच्चे वीर पुरुषों की बातें लोगों के दिल को बाँध देती हैं।
प्रश्न 2 आजाद, गुलाम, बादशाह, कैदी, फौज, दरिया और कुदरत उर्दू के शब्द हैं। हिन्दी में इनके समानार्थी शब्द लिखिए।
उत्तर
आजाद का समानार्थी - स्वतंत्र
गुलाम का समानार्थी - दास
बादशाह का समानार्थी - राजा
कैदी का समानार्थी - बंदी
फौज का समानार्थी - सेना
दरिया का समानार्थी - नदी
कुदरत का समानार्थी - प्रकृति
प्रश्न 3 सत् शब्द में त्व प्रत्यय जुड़कर सत् और त्व मिलकर सत्त्व बन गया है। नीचे लिखे शब्दों में त्व जोड़कर नये शब्द बनाइए -
महत्, प्रभु, तत्, वीर।
उत्तर -
महत् और त्व मिलकर - महत्त्व
प्रभु और त्व मिलकर - प्रभुत्व
तत् और त्व मिलकर - तत्त्व
वीर और त्व मिलकर - वीरत्व
प्रश्न 4 विलोम या निषेध के अर्थ में कुछ शब्दों के पूर्व अ या अन् जुड़ जाता है, जैसे सम्भव से असम्भव और आवश्यक से अनावश्यक शब्द बनता है। अन् का प्रयोग उस समय होता है, जब शब्द के आरम्भ में कोई स्वर हो। अ, अन् की सहायता से नीचे लिखे शब्दों का विलोम शब्द बनाइए उपस्थित, स्थायी, साधारण, समान, उदार।
उत्तर -
उपस्थित का विलोम - अनुपस्थित
स्थायी का विलोम - अस्थायी
साधारण का विलोम - असाधारण
समान का विलोम - असमान
उदार का विलोम - अनुदार
प्रश्न 5 आल्प्स शब्द आ, ल्, प्, स्, अ से बना है। इसमें ल्, प्, स् क्रम से तीन व्यंजन आये हैं, इन्हें व्यंजनगुच्छ कहा जाता है। पाठ से इस प्रकार के व्यंजनगुच्छ वाले शब्द चुनकर लिखिए।
उत्तर- पाठ में आए कुछ व्यंजनगुच्छ वाले शब्द इस प्रकार हैं -आध्यात्मिक, महत्त्व, सत्य, उपयुक्त, दृढ़ता।
विशेष :
पर्यायवाची :
पर्याय का अर्थ है - समान और वाची का अर्थ है - बोले जाने वाले अर्थात
जब अलग-अलग शब्दों का अर्थ एक ही होता है, तो वे एक-दूसरे के पर्यायवाची कहलाते हैं।
या
एक समान अर्थ रखने वाले शब्दों को पर्यायवाची शब्द कहते हैं। इन्हें समानार्थक शब्द भी कहा जाता है।