'भक्ति के पद' के अभ्यास प्रश्न
प्रिय छात्र/छात्राओं कक्षा 8 यूपी बोर्ड की हिंदी पाठ्यपुस्तक के पाठ 10 के अभ्यास प्रश्नों के उत्तर नीचे दिए जा रहे हैं। मैंने भाषा की शुद्धता और सरलता का पूरा ध्यान रखा है, ताकि आपको समझने में कोई कठि…


प्रिय छात्र/छात्राओं कक्षा 8 यूपी बोर्ड की हिंदी पाठ्यपुस्तक के पाठ 10 के अभ्यास प्रश्नों के उत्तर नीचे दिए जा रहे हैं। मैंने भाषा की शुद्धता और सरलता का पूरा ध्यान रखा है, ताकि आपको समझने में कोई कठिनाई न हो।
पाठ से:
प्रश्न 1: मीरा प्रभु से क्या प्रार्थना कर रही है ?
उत्तर: मीरा बाई अपने प्रभु श्रीकृष्ण से यह प्रार्थना कर रही हैं कि जिस प्रकार उन्होंने द्रौपदी प्रह्लाद और डूबते हुए गजराज के कष्टों को दूर किया था उसी प्रकार वे अपनी सेविका मीरा के भी सभी दुखों और पीड़ाओं को दूर कर दें।
प्रश्न 2: द्रौपदी की सहायता ईश्वर ने किस प्रकार की ?
उत्तर: भरी सभा में दुशासन द्वारा चीरहरण किए जाते समय ईश्वर ने द्रौपदी की साड़ी की लंबाई बढ़ाकर उनके सम्मान की रक्षा की और इस प्रकार उनकी सहायता की।
प्रश्न 3: कवि रसखान ने वाणी की क्या विशेषता बताई है ?
उत्तर: कवि रसखान ने वाणी की यह विशेषता बताई है कि हमारी वाणी तभी सार्थक और सच्ची है जब वह सदैव भगवान श्रीकृष्ण के गुणों का गान करती रहे।
प्रश्न 4: कवि रसखान ने तीनों लोकों के राज्य को कृष्ण की किन वस्तुओं से तुच्छ कहा है ?
उत्तर: कवि रसखान ने भगवान श्रीकृष्ण की लाठी और उनके काले कंबल के सामने तीनों लोकों के राज्य के अपार सुख को भी अत्यंत तुच्छ कहा है।
आशय स्पष्ट कीजिए:
प्रश्न क: कोटिक हौ कलधौत के धाम करील के कुंजन ऊपर वारों।
उत्तर: इस पंक्ति का आशय यह है कि कवि रसखान ब्रजभूमि की उन कांटेदार झाड़ियों के ऊपर करोड़ों सोने चांदी के महलों का सुख भी न्योछावर करने को तैयार हैं क्योंकि उन कुंजों में उनके आराध्य भगवान श्रीकृष्ण ने निवास किया था।
प्रश्न ख: जान वही उन प्रान के संग औ मान वही जु करै मनमानी।
उत्तर: इस पंक्ति का आशय है कि मनुष्य का जीवन तभी सार्थक है जब उसके प्राण भगवान श्रीकृष्ण के साथ जुड़े हों और सच्चा सम्मान वही है जो केवल प्रभु की इच्छा के अनुसार प्राप्त हो।
नीचे दिए गए भावों से मिलती-जुलती पंक्ति लिखिए-
प्रश्न अ: कान वही अच्छे हैं, जो हर पल भगवान श्री कृष्ण की वाणी सुनते हैं।
उत्तर: औ कान वही उन बैन सों सानी।
प्रश्न ब: भक्त की रक्षा करने के लिए आप ईश्वर ने नरसिंह का रूप धारण किया।
उत्तर: भक्त कारण रूप नरहरि धरयो आप सरीर।
भाषा की बात:
प्रश्न: बिन्दु या चन्द्र बिन्दु लगाकर शब्दों को लिखिए।
उत्तर:
आख - आँख
गाव - गाँव
मुह - मुँह
पाच - पाँच
गगा - गंगा
गदा - गंदा
कपन - कंपन
चचल - चंचल
प्रश्न: दिए गए शब्दों के मानक रूप लिखिए - सरीर, लाज, प्रान, आपनो, गुन।
उत्तर:
सरीर - शरीर
लाज - लज्जा
प्रान - प्राण
आपनो - अपना
गुन - गुण
प्रश्न: ब्रजभाषा के शब्द - बैन, सानी, गत, उही, करै, अरु को खड़ी बोली हिन्दी के रूप में लिखिए।
उत्तर:
बैन - वचन या बातें
सानी - सनी हुई या डूबी हुई
गत - शरीर
उही - उसी
करै - करे
अरु - और